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CBSE Board Exams 2026: Key and Updated Significant Changes in Question Papers

By Raushan Kumar

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CBSE Board Exams 2026: Starting from February 17 – Key Changes in Question Paper Structure
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CBSE Board Exams 2026: Starting from February 17 – Changes in Question Paper

सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खबर यह है कि CBSE board exams February 17 से आरंभ हो रही हैं, जिसका अर्थ है कि आपके पास लक्ष्य निर्धारित करने के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा है। और एक और मुख्य बदलाव है जिसके बारे में हर विद्यार्थी चर्चा कर रहा है – वह है Competency-based questions CBSE का भार बढ़ जाना। अब केवल रटने पर आधारित पढ़ाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि अवधारणाओं (concepts) के अनुप्रयोग (application) और वैचारिक स्पष्टता (conceptual clarity) पर ध्यान केंद्रित करना होगा। ये सभी अद्यतन (updates) CBSE Class 10 12 exams 2026 को एक नए स्तर पर ले जा रहे हैं, और हमें इनके लिए तैयार रहना चाहिए।

CBSE reforms 2026: नई शिक्षा नीति का प्रभाव और परीक्षा की आरंभ तिथि

CBSE Board Exams 2026 की तैयारी शुरू करने से पहले, सबसे पहला कदम आधिकारिक तिथियों और नीतिगत परिवर्तनों को समझना है। सीबीएसई की ओर से यह पुष्टि की जा चुकी है कि CBSE board exams February 17 से प्रारंभ होंगी। यह तिथि जल्दी शुरुआत करने की रणनीति (strategy) का हिस्सा है, जिसे सीबीएसई ने NEP 2020 CBSE reforms के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए लागू किया है। इसका सीधा अर्थ है कि छात्रों को मुख्य विषयों के लिए प्रारंभिक चरण में ही तैयार रहना होगा। पिछले वर्षों की प्रवृत्ति (trend) की तुलना में, यह जल्दी शुरुआत छात्रों को परिणाम घोषित होने और आगे की पढ़ाई (उच्च शिक्षा में प्रवेश) के लिए काफी समय प्रदान करेगी।

CBSE date sheet 2026 और परीक्षा समय-निर्धारण का नया तरीका

 CBSE date sheet 2026 आधिकारिक रूप से जारी होने में समय है, लेकिन सीबीएसई ने एक अस्थायी ढाँचा (tentative framework) स्पष्ट कर दिया है। सीबीएसई मॉड्यूलर परीक्षाओं और विषय समूहीकरण (subject grouping) पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसका तात्पर्य है कि परीक्षाओं को मुख्य (Major) और शेष (Remaining) विषयों में समूहित किया जा सकता है। मुख्य विषयों (कक्षा 10 के लिए विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, भाषाएँ; कक्षा 12 के लिए पीसीएम, पीसीबी, वाणिज्य विषय, मानविकी के मुख्य विषय) की तिथियाँ निश्चित रहेंगी, जबकि शेष विषयों या कौशल-आधारित विषयों की परीक्षाओं को 2-3 दिनों के भीतर व्यवस्थित किया जा सकता है।

NEP 2020 CBSE reforms: ये बदलाव क्यों हो रहे हैं?

CBSE Board Exams 2026 में सुधार केवल प्रश्न पत्र की संरचना तक सीमित नहीं हैं; ये संपूर्ण मूल्यांकन प्रणाली को बदल रहे हैं। NEP 2020 CBSE reforms का मूल मंत्र रटकर सीखने (rote learning) से हटकर आलोचनात्मक सोच (critical thinking), समस्या-समाधान (problem-solving), और वैचारिक समझ (conceptual understanding) पर बल देना है। यही कारण है कि Competency-based questions CBSE का भार बढ़ाया गया है। सीबीएसई चाहता है कि छात्र वास्तविक दुनिया की स्थितियों में ज्ञान को लागू कर सकें। इससे CBSE Class 10 12 exams 2026 केवल अंक लाने का माध्यम नहीं रहेगी, बल्कि वास्तविक अधिगम (true learning) का मंच बनेगी।

New question paper structure CBSE 2026: योग्यता-आधारित प्रश्नों का बढ़ता कदम

यह New question paper structure CBSE 2026 ही इस वर्ष का सबसे बड़ा गेम-चेंजर है। सीबीएसई ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रश्न पत्र की टाइपोलॉजी में प्रमुख बदलाव आएंगे। यह बदलाव CBSE reforms 2026 का केंद्र है, और छात्रों के लिए इसे समझना बहुत जरूरी है। पहले के वर्षों में योग्यता-आधारित प्रश्नों का भार 40% था, लेकिन CBSE Board Exams 2026 में इसे बढ़ाकर 50% कर दिया गया है। इसका मतलब है कि आधा प्रश्न पत्र सीधे उत्तरों पर नहीं, बल्कि अनुप्रयोग (application) और विश्लेषण (analysis) पर आधारित होगा।

CBSE 50% competency questions: नई टाइपोलॉजी को समझिए

Competency-based questions CBSE का भार 50% हो गया है। छात्रों को यह जानना चाहिए कि ये प्रश्न किसी एक प्रारूप (format) में नहीं आते। इनमें निम्नलिखित प्रकार के प्रश्न शामिल होते हैं: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs), केस-आधारित प्रश्न (Case-Based Questions) जिसमें एक छोटी कहानी या परिदृश्य दिया जाता है, स्रोत-आधारित एकीकृत प्रश्न (Source-Based Integrated Questions) जो विभिन्न अवधारणाओं को जोड़ते हैं, और डेटा व्याख्या तथा स्थितिजन्य समस्याएँ (Data Interpretation & Situational Problems) जिनमें ग्राफ, सारणी, या वास्तविक जीवन की समस्याएँ दी जाती हैं। यह स्पष्ट है कि ये MCQs भी सीधे वन-लाइनर नहीं होंगे, बल्कि अवधारणा की गहरी समझ (deep understanding) मांगने वाले होंगे।

इसके अतिरिक्त, 20% वस्तुनिष्ठ-प्रकार (objective-type) के प्रश्न (लघु-उत्तर MCQs भी शामिल) होंगे, और शेष 30% लघु/दीर्घ वर्णनात्मक उत्तर (short/long descriptive answers) होंगे। यह वितरण CBSE exam pattern changes 2026 को पूरी तरह से स्पष्ट करता है। अब पढ़ाई का तरीका विशुद्ध रूप से वैचारिक (conceptual) होना चाहिए।

प्रश्न पत्र टाइपोलॉजी का विभाजन

प्रश्न प्रकार (Question Typology)सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 में भार (कक्षा 10 और 12)मुख्य उद्देश्य (Focus/Goal)
योग्यता-आधारित प्रश्न (Competency-Based Questions)50%अनुप्रयोग, आलोचनात्मक सोच, वास्तविक दुनिया की समस्या-समाधान, गहरी समझ
वस्तुनिष्ठ-प्रकार के प्रश्न (Objective-Type Questions – MCQs)20%स्मरण (Recall), बुनियादी वैचारिक स्पष्टता, तथ्य-आधारित ज्ञान
लघु/दीर्घ वर्णनात्मक उत्तर (Short/Long Descriptive Answers)30%अवधारणाओं की व्याख्या, विश्लेषण, व्यापक लेखन कौशल

कक्षा 10 के लिए विषय-विशिष्ट परिवर्तन: हर विषय की नई रणनीति

CBSE Class 10 12 exams 2026 की सूची में कक्षा 10 के विषयों में विशिष्ट संरचनात्मक सुधार किए गए हैं। छात्रों को ध्यान देना चाहिए कि उनका प्रश्न पत्र अब कुछ इस तरह से व्यवस्थित होगा। ये परिवर्तन छात्रों को बेहतर ध्यान और संतुलित तैयारी में सहायता करेंगे क्योंकि अब विषयों का विभाजन अधिक स्पष्ट है।

CBSE Board Exams 2026: Starting from February 17 – Key Changes in Question Paper Structure
                    CBSE Board Exams 2026: Starting from February 17 – Key Changes in Question Paper Structure

CBSE Science Social Science pattern 2026 में नए खंड

विज्ञान (Science): विज्ञान विषय को अब तीन अलग-अलग खंडों (sections) में विभाजित कर दिया गया है। ये खंड हैं: खंड A: भौतिकी (Physics), खंड B: रसायन विज्ञान (Chemistry), और खंड C: जीव विज्ञान (Biology)। इसका मतलब है कि प्रश्न पत्र में सवाल इन्हीं तीन खंडों के तहत व्यवस्थित होंगे। इससे आपको पता चलता है कि कौन सा खंड कितना भार रखता है, और आप अपनी पढ़ाई को उसी हिसाब से संतुलित कर सकते हैं। यह बदलाव विशुद्ध रूप से अवधारणा-संचालित कवरेज (concept-driven coverage) को बढ़ावा देता है।

सामाजिक विज्ञान (Social Science): सामाजिक विज्ञान भी अब चार समर्पित खंडों में संरचित (structured) है, जो बहुत अच्छी बात है क्योंकि छात्र अक्सर इस विषय में भ्रम (confusion) महसूस करते हैं। ये खंड इस प्रकार हैं: खंड A: इतिहास (History), खंड B: भूगोल (Geography), खंड C: राजनीति विज्ञान (Political Science), और खंड D: अर्थशास्त्र (Economics)। हर खंड के सवालों को उस खंड में ही संबोधित किया जाएगा। इससे पेपर को हल करना और दोहराना (revise) काफी आसान हो जाएगा। यह CBSE Science Social Science pattern 2026 का सबसे बड़ा संरचनात्मक अद्यतन (structural update) है।

 गणित(Math) की स्थिति

गणित में फिलहाल कोई बड़ा संरचनात्मक बदलाव नहीं है। कक्षा 10 के छात्र जानते हैं कि उनकी पसंद के हिसाब से दो स्तर हैं: मानक (Standard) और बुनियादी (Basic)। प्रश्न पत्र 80 अंकों का सिद्धांत (theory) और 3 घंटे की अवधि रखेगा। लेकिन, प्रश्न पत्र के भीतर विकल्प (options) मिलेंगे: खंड B, C, D, और E में आंतरिक विकल्प (internal choices) होंगे। इसका मतलब है कि आपको कुछ सवालों में यह चुनने का विकल्प मिलेगा कि आप कौन सा प्रयास करना चाहते हैं, जो कि तनाव कम करने में सहायता करता है। Competency-based questions CBSE यहां भी 50% होंगे, तो अवधारणाओं पर पकड़ होनी जरूरी है।

कक्षा 12 पर ध्यान: अनुप्रयोग और पढ़ाई की गहराई

CBSE Class 10 12 exams 2026 की सूची में कक्षा 12 के लिए भी अद्यतन हैं, लेकिन वह कक्षा 10 जितने संरचनात्मक नहीं हैं। कक्षा 12 का परीक्षा पैटर्न अनिवार्य रूप से 2025 के पैटर्न का ही अनुसरण करेगा, लेकिन यहां भी मुख्य जोर CBSE 50% competency questions पर होगा। प्रमुख विषयों, जैसे भौतिकी, रसायन विज्ञान, और लेखाशास्त्र (Accountancy), में सवालों की प्रकृति (nature) में परिवर्तन आएगा।

अनुप्रयोग-आधारित अधिगम का महत्व

अब सीधे सूत्रों (formulas) या परिभाषाओं (definitions) को पूछने के बजाय, सवाल आपके अनुप्रयोग की क्षमता (ability) का परीक्षण करेंगे। उदाहरण के लिए, भौतिकी में व्युत्पत्ति (derivation) से ज्यादा अनुप्रयोग-आधारित संख्यात्मक (numerical) या केस स्टडी आ सकती है। लेखाशास्त्र में भी स्थितिजन्य समस्याओं पर ज्यादा ध्यान केंद्रित होगा। इसका मतलब है कि CBSE exam pattern changes 2026 छात्रों को किताब के बाहर सोचना सिखा रहे हैं। आपको यह समझना होगा कि अवधारणा का वास्तविक दुनिया में क्या उपयोग है। यह छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में CBSE reforms 2026 का एक बड़ा कदम है।

CBSE sample papers 2026: अभ्यास से मिलेगी पूर्णता

छात्रों को सलाह दी गई है कि वे तुरंत ही सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in पर जाकर नवीनतम CBSE sample papers 2026 को डाउनलोड करें। इन सैंपल पेपरों में नए New question paper structure CBSE 2026 का स्पष्ट ब्लूप्रिंट दिया गया होता है। इन्हें हल करने से आपको पता चलेगा कि Competency-based questions CBSE को कैसे हल करना है, और आप अपने समय प्रबंधन को भी अनुकूलित (optimize) कर सकते हैं। समय सीमा के भीतर इन पेपर्स को ईमानदारी से हल करना CBSE Board Exams 2026 में सफलता की कुंजी है।

CBSE Class 10 two exams 2026: दबाव कम करने का मास्टरस्ट्रोक

CBSE Class 10 two exams 2026 प्रणाली CBSE reforms 2026 का सबसे छात्र-हितैषी बदलाव है। यह उन छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी राहत है जो एक बार की परीक्षा के दबाव को संभाल नहीं पाते या फिर किसी कारणवश पहली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते। इस प्रणाली का उद्देश्य छात्रों को तनावमुक्त वातावरण देना है।

CBSE latest circular 2026 से मिलने वाले अन्य सुधार

CBSE latest circular 2026 में CBSE Board Exams 2026 से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण सुधार भी दिए गए हैं जिन्हें जानना जरूरी है। ये सुधार परीक्षा की ईमानदारी (integrity) और छात्र की सुविधा (convenience) को ध्यान में रखकर किए गए हैं।

परीक्षा की ईमानदारी और प्रश्न पत्र संग्रहण

एक बहुत ही सख्त नियम जो सीबीएसई ने बनाया है, वह है परीक्षा के बाद प्रश्न पत्रों को एकत्र (collect) करने का। पहले छात्रों को प्रश्न पत्र घर ले जाने की अनुमति होती थी, लेकिन अब ईमानदारी (integrity) को बनाए रखने के लिए पेपर एकत्र कर लिया जाएगा। इससे रिसाव (leakage) या दुरुपयोग की गुंजाइश कम हो जाएगी। छात्रों को सवालों को याद रखकर बाहर आना पड़ेगा, जो कि एक छोटी सी चुनौती हो सकती है लेकिन यह परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है।

मॉड्यूलर परीक्षा का विचार

कुछ विषयों में सीबीएसई मॉड्यूलर परीक्षाओं की प्रणाली भी लागू कर सकता है। मॉड्यूलर परीक्षा का मतलब है कि एक विषय को छोटे-छोटे मॉड्यूल में बांट दिया जाए, और हर मॉड्यूल की परीक्षा अलग से हो। हालाँकि, यह प्रणाली अभी प्रयोगात्मक (experimental) चरण में है और सभी विषयों पर लागू नहीं होगी। इसका मूल उद्देश्य भी यही है कि छात्रों पर एक ही बार में पूरे पाठ्यक्रम (syllabus) का बोझ न आए और वे क्रमबद्ध तरीके से तैयारी कर सकें।

कितने छात्र होंगे शामिल?

CBSE Board Exams 2026 में छात्रों की संख्या भी काफी बड़ी है, जो कि इन सुधारों के महत्व को और बढ़ा देती है: कक्षा 10 में लगभग 26.6 लाख छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है और कक्षा 12 में लगभग 20 लाख छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। इतने बड़े पैमाने पर होने वाली परीक्षा में CBSE reforms 2026 का सफल कार्यान्वयन (implementation) देश की शिक्षा प्रणाली के लिए एक मील का पत्थर होगा और यह सुनिश्चित करेगा कि लाखों छात्रों का मूल्यांकन निष्पक्ष और समग्र रूप से हो।

एनसीईआरटी पुस्तकें हैं आपकी आधारशिला

यह हमेशा से सत्य रहा है, और CBSE reforms 2026 के बाद इस बात का महत्व और बढ़ गया है। एनसीईआरटी की किताबें आपकी बुनियाद (foundation) हैं। हर छोटी अवधारणा, हर अभ्यास (exercise), और हर बॉक्स में दी गई जानकारी को अच्छे से पढ़ना होगा। Competency-based questions CBSE अक्सर एनसीईआरटी के किसी न किसी कोने से निकलते हैं और आपको भ्रमित (confuse) कर देते हैं अगर अवधारणा स्पष्ट न हो। CBSE Science Social Science pattern 2026 हो, या गणित, एनसीईआरटी की अवधारणाओं को आत्मसात (assimilate) करना बहुत जरूरी है।

 केस स्टडीज और स्थितिजन्य समस्याओं का अभ्यास

चूँकि CBSE 50% competency questions आ रहे हैं, इसलिए आपको केस स्टडीज और स्थितिजन्य समस्याओं पर बहुत ज्यादा ध्यान केंद्रित करना होगा। आप अपने शिक्षकों से इस तरह के सवालों के अभ्यास की मांग कर सकते हैं। हर विषय को पढ़ने के बाद, यह सोचिए कि इस अवधारणा को वास्तविक जीवन में कहाँ उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, गणित में त्रिकोणमिति (Trigonometry) पढ़ रहे हैं, तो सोचिए कि इस से किसी इमारत की ऊँचाई कैसे नापी जा सकती है। यही वह अनुप्रयोग है जो सीबीएसई चाहता है।

समय प्रबंधन और CBSE date sheet 2026 की योजना

भले ही CBSE date sheet 2026 पूरी तरह से न आई हो, लेकिन यह स्पष्ट हो गया है कि CBSE board exams February 17 से शुरू होंगी। इसका मतलब है कि आपको अपना पूरा पाठ्यक्रम दिसंबर के अंत तक या जनवरी के मध्य तक अवश्य खत्म कर लेना चाहिए। जनवरी और फरवरी का पहला भाग केवल दोहराव (revision), CBSE sample papers 2026 हल करने और मॉक टेस्ट देने के लिए रखिए। यह पूर्व-योजना (pre-planning) आपको आखिरी समय के तनाव से बचाएगी और CBSE February 2026 exams में सफल होने में मदद करेगी।

 अंतिम 60 दिन की रणनीति :

मान लीजिए कि आपके पास अब दोहराव के लिए 60 दिन हैं (जनवरी और फरवरी मध्य तक)। आपकी रणनीति कुछ ऐसी होनी चाहिए। पहले 30 दिनों में, उन विषयों को दोबारा देखिए जो आपको सबसे कठिन लगते हैं। साथ ही, एनसीईआरटी की पिछली प्रश्नावली (back exercises) और उदाहरण समस्याओं (exemplar problems) को अवश्य हल करें। विशेष ध्यान Competency-based questions CBSE पर रखें। अगले 30 दिन पूरी तरह से अभ्यास के लिए होने चाहिए। हर दूसरे दिन एक CBSE sample papers 2026 को पूरे 3 घंटे बैठकर हल करें। समय प्रबंधन पर ध्यान दें, ताकि New question paper structure CBSE 2026 में आपको कोई समस्या न हो। सीबीएसई की वेबसाइट से नए पैटर्न के पेपर डाउनलोड करना मत भूलना।

Competency-based questions CBSE

जैसा कि हमने चर्चा की, CBSE 50% competency questions इस वर्ष की सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन अगर आप इन सवालों की प्रकृति को समझ लेते हैं, तो ये प्रश्न आपके अंक को बढ़ा सकते हैं। आपको हमेशा सवाल को समझकर ही जवाब देना चाहिए। Competency-based questions CBSE केवल तथ्य (fact) नहीं पूछते, वे पूछते हैं कि आप उस तथ्य का क्या करेंगे। केस-आधारित प्रश्न हल करते समय पूरे परिदृश्य को ध्यान से पढ़ें और उसे अपने पाठ्यक्रम के सही अवधारणा से जोड़ें।

CBSE Class 10 two exams 2026:

CBSE Class 10 two exams 2026 प्रणाली एक बहुत बड़ा सुरक्षा कवच है। लेकिन आपको पूरी तैयारी के साथ पहली परीक्षा देनी चाहिए जो CBSE board exams February 17 से शुरू होगी। सोचिए कि यही आपका अंतिम अवसर है। अगर आप पहली परीक्षा ही शीर्ष अंक (top score) के साथ उत्तीर्ण (clear) कर लेते हैं, तो आप मई/जून की गर्मी में दूसरी परीक्षा देने के दबाव से बच जाएंगे। अगर पहली परीक्षा अच्छी नहीं होती है, तब ही आपको मई/जून वाली दूसरी परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। इस बार आपकी पढ़ाई केंद्रित (focused) होनी चाहिए। पहली परीक्षा में जो गलतियाँ हुई हैं, उन्हें पहचानें और केवल उन्हीं कमजोर क्षेत्रों (weak areas) पर ज्यादा मेहनत करें।

CBSE Science Social Science pattern 2026:

CBSE Science Social Science pattern 2026 में जो खंड विभाजित किए गए हैं, उनका सीधा फायदा छात्रों को मिलता है। आप अपनी पढ़ाई को खंडों के हिसाब से लक्षित (target) कर सकते हैं। विज्ञान में भौतिकी, रसायन विज्ञान, और जीव विज्ञान को अलग-अलग मॉड्यूल की तरह समझें। New question paper structure CBSE 2026 में सभी खंडों को समान महत्व देना होगा। विशेष रूप से अर्थशास्त्र में डेटा व्याख्या और राजनीति विज्ञान में केस स्टडीज पर ध्यान रखना जरूरी है। यह CBSE exam pattern changes 2026 आपको समग्र समझ (holistic understanding) के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

 External Resources और CBSE sample papers 2026

CBSE Board Exams 2026 में अच्छे अंक लाने के लिए, केवल पाठ्यपुस्तक (textbook) काफी नहीं है। आपको सीबीएसई द्वारा दिए गए आधिकारिक संसाधनों का भरपूर उपयोग करना चाहिए। आप सीबीएसई की शैक्षणिक वेबसाइट पर जाएँ और CBSE sample papers 2026 को डाउनलोड करें। यह आपको परीक्षा का वास्तविक अनुभव (real feel) देता है और CBSE 50% competency questions की टाइपोलॉजी को अच्छी तरह से समझने में मदद करता है। इन सैंपल पेपर्स के साथ, सीबीएसई की ओर से आने वाली अंकन योजना (Marking Scheme) को भी अवश्य पढ़ें।

New question paper structure CBSE 2026

एक लेख की तरह, सीबीएसई छात्रों से भी E-E-A-T (अनुभव, विशेषज्ञता, अधिकारिता, विश्वसनीयता) सिद्धांतों की उम्मीद रखता है। CBSE reforms 2026 का यही मतलब है। आपको अनुभव के साथ सीखना चाहिए, हर विषय के अवधारणाओं में गहरी विशेषज्ञता रखनी चाहिए, अपने उत्तरों को ठोस तथ्यों से समर्थित करके अधिकारिता दिखानी चाहिए और अपनी पढ़ाई में ईमानदारी रखकर विश्वसनीयता बनाए रखनी चाहिए। ये CBSE exam pattern changes 2026 आपकी शिक्षा को एक नया आयाम दे रहे हैं। इन्हें एक बोझ नहीं, बल्कि एक सुनहरा अवसर समझें। CBSE Board Exams 2026 के लिए आपकी तैयारी जितनी मजबूत होगी, आपका भविष्य उतना ही उज्जवल होगा!

आप CBSE sample papers 2026 और नवीनतम दिशानिर्देशों को सीबीएसई की शैक्षणिक वेबसाइट पर जाकर अवश्य जाँचें और डाउनलोड करें: CBSE Academic Official Website

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Raushan Kumar

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