Ajmer–Dadar Express Bomb Threat : घटना का परिचय और अजमेर रेलवे स्टेशन पर माहौल 2025
27 नवंबर 2025 को सुबह-सुबह अजमेर रेलवे स्टेशन पर अचानक हलचल बढ़ गई। किन्हीं संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना मिलने के बाद रेलवे ने तुरंत सुरक्षा बढ़ा दी। यात्रियों को एक-एक कर चेक किया जाने लगा और स्टेशन का हर हिस्सा सुरक्षा के घेरे में आ गया।
अजमेर रेलवे स्टेशन पहले से ही व्यस्त रहता है, और ऐसे में अचानक से आया यह सुरक्षा अलर्ट पूरे शहर के लिए चिंता का विषय बन गया। सुरक्षा बलों ने तुरंत हर प्लेटफॉर्म, waiting hall और entry point को स्कैन करना शुरू कर दिया।
राजस्थान के अजमेर रेलवे स्टेशन पर 26 नवंबर 2025 को दादर एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की धमकी की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। मुख्य घटना के अनुसार, एक ऑटो चालक ने पुलिस को सूचना दी कि उसके वाहन में सवार तीन युवक ट्रेन को बम से उड़ाने की बात कर रहे थे। इसके बाद जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। दादर एक्सप्रेस को लगभग 2-3 घंटे रोका गया और पूरे स्टेशन पर डॉग स्क्वॉड, बम डिस्पोजल टीम और मेटल डिटेक्टर से सघन जांच चलाई गई। जांच में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे इसे अफवाह या झूठी धमकी माना जा रहा है।
दादर एक्सप्रेस बम धमकी कैसे सामने आई
कंट्रोल रूम को एक फोन कॉल मिला जिसमें ट्रेन में संदिग्ध लोगों के होने की बात कही गई। कॉल में बम का ज़िक्र नहीं था, लेकिन सूचना इतनी गंभीर थी कि तुरंत जांच शुरू की गई। जीआरपी और रेलवे अधिकारियों ने इसे priority पर लिया।
बाद में एएसपी हिमांशु जांगिड़(राजस्थान पुलिस) ने बताया कि “यह बम धमकी नहीं, बल्कि सिर्फ संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना थी,” लेकिन तब तक स्टेशन को पूरी तरह स्कैन किया जा चुका था।
तीन संदिग्धों की हिरासत: जांच का सबसे बड़ा मोड़
इस घटना का सबसे अहम हिस्सा रहा कुचामन और डीडवाना से तीन संदिग्ध युवकों की हिरासत। कई दिनों से इनकी गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही थी, और कॉल की सूचना मिलते ही पुलिस की जांच का फोकस यही युवक बने।
संदिग्धों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की जांच
राजस्थान पुलिस तीनों के फोन जब्त कर लिए गए और उनकी कॉल डिटेल, चैट हिस्ट्री और लोकेशन ट्रैकिंग की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश है कि कहीं ये किसी नेटवर्क से जुड़े हुए तो नहीं थे।
अजमेर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा अलर्ट का माहौल
जैसे ही खबर फैली, पूरे station पर जांच शुरू हो गई। राजस्थान पुलिस ने यात्रियों से लेकर luggage तक सबकुछ चेक करना शुरू कर दिया। भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म्स पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोजल टीम की कार्रवाई
डॉग स्क्वॉड ने ट्रेन की हर बोगी और सीट को चेक किया। बम डिस्पोजल टीम भी पूरी तरह मुस्तैद रही। राजस्थान पुलिस काफी देर की जांच के बाद कहीं भी कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, जिससे राहत की सांस ली गई।
अजमेर सिटी एएसपी हिमांशु जांगिड़ ने कहा कि यह बम धमकी नहीं, बल्कि संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना थी। कोई खतरा नहीं पाया गया, लेकिन जांच जारी है। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
दादर एक्सप्रेस की देरी और अन्य ट्रेनों पर असर
इस घटना का सीधा असर दादर एक्सप्रेस (12996) पर पड़ा। जांच की वजह से ट्रेन को प्लेटफॉर्म 6 से रवाना करने में देरी हुई। इसी दौरान पाँच अन्य ट्रेनों के प्लेटफॉर्म भी बदल दिए गए जिससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
घटना का सार — Comparison Table
| श्रेणी | घटना का विवरण |
|---|---|
| स्थान | अजमेर रेलवे स्टेशन |
| प्रभावित ट्रेन | दादर एक्सप्रेस (12996) |
| मुख्य कारण | संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना |
| संदिग्ध गिरफ्तार | तीन युवक (कुचामन और डीडवाना क्षेत्र से) |
| जांच टीम | जीआरपी, आरपीएफ, राजस्थान पुलिस |
| उपयोग की गई टीमें | डॉग स्क्वॉड, बम डिस्पोजल टीम |
| असर | ट्रेन लेट हुई, पाँच ट्रेनों के प्लेटफ़ॉर्म बदले गए |
| निष्कर्ष | कोई बम नहीं मिला, सूचना संदिग्ध थी |

Ajmer–Dadar Express Bomb Threat : Latest News Update 2025
प्लेटफ़ॉर्म बदलने से यात्रियों की परेशानी
कई यात्री गलत प्लेटफॉर्म पर चले गए। कुछ लोग confusion में दौड़ते रहे। हालांकि रेलवे कर्मचारियों ने लगातार announcements कर स्थिति संभालने की कोशिश की।
राजस्थान पुलिस और जीआरपी की संयुक्त जांच
राजस्थान पुलिस और जीआरपी ने मिलकर इस केस की जांच शुरू की। राजस्थान पुलिस हर angle से जानकारी जुटाई जा रही है—कॉल कहां से आई, किसने किया, क्यों किया, और संदिग्धों का इसमें क्या रोल है।
पूछताछ में सामने आए नए खुलासे
पूछताछ में यह जरूर पता चला कि तीनों युवक suspicious तरीके से रेलवे स्टेशनों के आसपास घूमते थे। हालांकि अभी तक किसी बड़ी साजिश का सुराग नहीं मिला है।
कुचामन और डीडवाना क्षेत्र से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पर तीन युवकों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन जब्त कर कॉल डिटेल की जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में धमकी की गंभीरता और संभावित साजिश का पता लगाया जा रहा है।
यात्रियों के बीच फैली अफवाहें और पुलिस की अपील
इस घटना में अफवाहें तेज़ी से फैलने लगीं। सोशल मीडिया पर कई फर्जी मैसेज वायरल हुए। राजस्थान पुलिस ने यह साफ कहा कि केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक बयान
मीडिया में भी तरह-तरह की ख़बरें चल रही थीं। लेकिन एएसपी जांगिड़ के आधिकारिक बयान के बाद लोगों में काफी राहत आई क्योंकि उन्होंने साफ बताया कि यह “बम धमकी” नहीं थी।
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर घटना वायरल हो गई। न्यूज चैनलों जैसे इंडिया टीवी, एनडीटीवी राजस्थान और भारत 24 ने लाइव अपडेट शेयर किए, जिसमें स्टेशन पर हड़कंप और जांच के वीडियो शामिल हैं। कुछ यूजर्स ने इसे सुरक्षा चूक बताया, जबकि अन्य ने पुलिस की तत्परता की सराहना की।
सुरक्षा को लेकर रेलवे की नई गाइडलाइन
रेलवे ने इसके बाद नई सुरक्षा प्रक्रियाएं लागू कीं—random checking, CCTV monitoring, luggage scanning और suspicious movement की reporting को और मजबूत किया गया।
भविष्य में ऐसे मामलों से कैसे निपटा जाएगा
रेलवे और राजस्थान पुलिस दोनों का कहना है कि सुरक्षा को लेकर तकनीकी systems और human vigilance दोनों बढ़ाई जाएगी। यात्रियों को भी जागरूक रहने की सलाह दी गई है।













